आज २०११ का आखिरी दिन है.साल बीता और हमने साल २०१२ के आगमन का पूरी तैयारी कर ली है.देखा जाये तो वर्ष २०११ बहुत ही मिश्रित अनुभव वाला रहा.जहां एक तरफ विश्व में अद्भुत उथलपुथल देखने को मिला ,वही हमने कुछ महान हस्तियों को भी खो दिया,तानाशाही के अंत का भी ये वर्ष जहा गवाह रहा वही चंद लम्हों ने ख़ुशी भी दी.जहा क्रिकेट विश्व श्रृंखला में भारत का विश्व विजेता बना,वही महिला कब्बडी में विश्व पदक पर कब्ज़ा कर भारत ने खेलो को एक नए आयाम पर पहुचाया,फ़ॉर्मूला १ प्रतिस्पर्धा का आयोजन भारत में होना विश्व पटल के अमीर खेलो पर भी एक दस्तक थी .लीबिया में शुरू हुए तानाशाही के खिलाफ जंग में वहा की जनता की जीत ,अमेरिका द्वारा ओसामा बिन लादेन को ढून्ढ निकालना और मौत के घाट उतार देना जहा बड़े तानाशाहों का अंतिम परिणाम था.वही सीरिया में शुरू हुए सरकार विरोधी अभियान,भारत में अन्ना हजारे की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम,भारत और चीन के बीच सीमा विवाद,भारत का जापान के साथ अपने रिश्तो को आगे बढ़ाना तथा रूस में हिन्दुओ के पवित्र ग्रन्थ गीता पर पैदा हुए विवाद २०११ के बड़े उथलपुथल थे.वर्ष के अंत में हम श्रधांजलि देना चाहेंगे apple के स्टीव जोब्स को,साथ ही बॉलीवुड की महान हस्तियों को भी देवानंद साहब,शम्मी कपूर साहब,जगजीत सिंह जी तथा भूपेन हजारिका जी जिनका भारतीय सिनेमा में बड़ा ही मत्वपूर्ण योगदान रहा.(साथ ही मैं श्रधांजलि देना चाहूँगा अपने प्रिय मित्र सिद्धार्थ के पिता को,जिनकी असामयिक मृत्यु हो गयी.)
कुल मिलाकर बीते वर्ष की कुछ यादे रख कर जहा हम आगे बढ़ना चाहेंगे वही कुछ ऐसे भी लम्हे हुए जिन्हें हम जरुर ही भूल जाना पसंद करेंगे.मेरी और से आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामना.
कुल मिलाकर बीते वर्ष की कुछ यादे रख कर जहा हम आगे बढ़ना चाहेंगे वही कुछ ऐसे भी लम्हे हुए जिन्हें हम जरुर ही भूल जाना पसंद करेंगे.मेरी और से आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामना.
